प्राचीन भारत का इतिहास वैदिक संस्कृति |History of ancient India Vedic culture

वैदिक संस्कृति

  • 1500 ई.र्पू के लगभग सत्यसैंधव प्रदेश में हड़प्पा संस्कृति का साक्ष्य या सबुत नहीं मिलता है।
  • आर्यों की उत्पत्ति चार वेदों से मिलती है इसलिए हम आर्य वैदिक संस्कृति कहते है।
  • ़ऋग्वेद में आर्यों का रहन सहन का तरीका मिलता है इसलिए उसे आर्य ऋग्वेदिक काल कहते है।
  • बाकी तीनो विषयों में जानकरी नहीं मिलती उसे उत्तर ऋग्वेदिक आर्य कहते है।
  • ऋग्वैदिक काल के आर्यों के खान-पान रहन-सहन और उत्तर वैदिक आर्यों के खान-पान रहन-सहन में बहुत अंतर मिलता है।
  • इनके अर्थव्यवस्था समाज एवं धार्मिक कार्याें मंे बहुत अंतर था तथा दोनों अलग तरह के रहते थे।
  • ऋग्वैदिक आर्य पुरी तरह से कबिलाई थी उनकी जनजति या पेशा पशु चराना था, जो पशु चराने की संस्कृति एक जगह पर टीक नहीं सकती थी। क्योंकि वे एक जगह से दुसरे जगह पर जाते रहते थे वे एक जगह की चारा खत्म होते के बाद दुसरे जगह अपने पशु को कुच कर जाते थे।
  • ऋग्वैदिक आर्यों का काल 1500 बीसी से 1000 बीसी माना जाता है। तथा 1000 बीसी से 600 बीसी उत्तर वैदिक काल का समय था।
  • ऋग्वैदिक काव्य अस्थिर का जीवन जीते थे ऋग्वैदिक काल जीवन में अस्थाईत्व का जीवन नहीं थे।
  • ऋग्वैदिक काल के आर्यों का संबन्ध किसी न किसी कबिले से होता था तथा इनका मुख्य पेशा या व्यवसाय पशुपालन तथा युद्ध करना होता था
  • एक कबिला दुसरे कबिले से युद्ध होता था वे पशु के लिए युद्ध करते थे।
  • इनकी संस्कृति निर्वाह अर्थव्यवस्था थी। बचत नहीं होता था। वे जो भी कमाते थे उसे बचा नहीं पाते थे। तथा बहुत ज्यादा पशुआंे का पालन करते थे। तथा वह उस समय खेती नहीं करते थे।
  • वह अपना भोजन फसल उग जाता था उसी को खाते थे खुद खेती नहीं करते थे उस समय बचता कुछ नहीं था उस समय ये व्यवसाय या धंधे नहीं करते थे।
  • उस समय खेती नहीं करते थे तो भुमि का किमत नहीं था तथा जहाँ पर भुमि का किमत अधिक होता था जहाँ पर किसान खेती करता था।
  • ऋगवैदिक काल में खेती किसानी उद्योग धंधे नहीं होते थे बस पशुपालन करते थे।
  • उस समय जो इनकी जो भी संपत्ति थी वह मवेशी थी मवेशी में गाय था
  • गाय को ही संपत्त समझते थे उस समय गाय ही उनके लिए सब कुछ था । इसी से अपना जीवन यापन करते थे।
प्राचीन भारत का इतिहास वैदिक संस्कृति |History of ancient India Vedic culture
ancient India Vedic culture
  • उनका समाज भ्रमणशील समाज था उस समय भाईचारे होते थे।
  •  पशुचराने के लिए पुरूषों का महत्व अधिक था।
  •  ऋगवैदिक काल में महिलाओं की स्थिति अच्छी थी  उस समय महिलाएं अपना वर खुद चुन सकती थी।
  • ऋगवैदिक आर्यों का निवास स्थल सप्तसैधव प्रदेश में निवास करते थे, सिन्द्यु नदी आर्यों के लिए महत्व अधिक था वह वहीं पर निवास करते थे।
  • शिक्षा प्राप्त उपनियन आश्रम मं भेज दिया जाता था।
  • जैसे-जैसे उत्तर की ओर जाते थे नदियों का उल्लख कम होती गई
  • बालगंगाधर तिलक ने एक किताब लिखी है द आरटिकल होम आॅफ आर्येन आर्य उत्तर धुव्र के निवासी थे।
  • दयानंन्द सरस्वती ने वैदिक काल कोे स्र्वग कहा है वेदों की ओर लौटो ये कहा है।
  • मैैक्स मुलर ने आर्यों को मध्य एशिया के निवासी बताया।

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