छत्तीसगढ़ के आवास |Houses of Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ के आवास |Houses of Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ के मकान  /आवास

 

  • अंावास मानव की नैसर्गिक आवश्यकता है।
  • आदिकाल में मानव गुफाओं ंमे निवास करता था। बाद के कालखण्ड के मानव ने अपने सुविधानुसार घर बनाया ।
  • आज के के आवास लाखों से सतत रूप से चल रहे विकास का रूपांतर का प्रतीक है।
  • जनगणना 2011 के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य के के कुल 67,99,689 मकानों की गणना लिया गया।
  • जनगणना मकानों में सबसे अधिक 51,64,079 मकान ग्रामिण क्षेत्र में दर्ज किये गये है। और 16,35,610 मकान नगरीय क्षेत्र में दर्ज किया गया।
  • इस दौरान यह पाया गया  कि छत्तीसगढ़ राज्य में 6.2 प्रतिशत मकान खाली है, राज्य  के इस दौरान खाली पाये गए कुल मकानों की  संख्या 4,21,827 थी । इसमें सबसे अधिक 2,58,820 मकान ग्रामिण क्षेत्र में और 1,63,007 मकान नगरीय क्षेत्र में खाली थे।
  • कुल मकानों का प्रतिशत देखा जाए तो ग्रामिण क्षेत्र में यह 5 फीसदी और नगरीय क्षेत्र में 10 फीसदी मकान खाली थे।

उपयोगः-

  • जनगणना 2011 के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य में उपयोग मे आ रहे कुल मकानों में से आवासीय कार्य के लिए 53,55,942 मकानों का उपयोग किया गया।
  • इन मकानों मे से ग्रामीण क्षेत्रों में 41,76,621 और नगरीय क्षेत्रों में 11,79,321 मकानों का उपयोग आवासीय हो रहा है।
  • प्रतिशत क आधार पर परखा जाए तो छत्तीसगढ़ राज्य में कुल धारित मकानों में से 84 फीसदी मकानों का उपयोग आवासीय हो रहा है।
  • ग्रामीण और नगरीय संदर्भ में देखा जाए तो धारित मकानों में क्रमशः 85.1 फीसदी और 80.1 फीसदी का उपयोग आवासीय कार्य के लिए हो रहा था। उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि राज्य में भरे हुए मकानों में से अधिकांश का उपयोग आवासीय कार्य के लिए हो रहा है।

आवास सह अन्य उपयोगः-

  • जनगणना 2011 के अनुसार आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य में आवास के साथ उज्य उपयोग में आने वाले मकानों की संख्या जनगणना के दौरान 19,69,386 दर्ज किया गया है।
  • ग्रमीण और नगरीय क्षेत्रों के संदर्भ में क्रमशः 82,578 और 1,15,822 मकानों का उपयोग दुकानों और कर्यालयों के लिए हो रहा था , जो समवेत रूप से कुल उपयोग मे आ रहे मकानो का 3.1 फीसदी थे।
  • ग्रामीण क्षेत्र में 1.7 फीसदी और नगरीय क्षेत्र में 7.9 फीसदी मकान दुकानों और कर्यालयों के लिए प्रयुक्त हो रहे थे।
  • इस तरह आकलित किया जाए तो संख्या और प्रतिशत दोंनो ही मानकों के आधार पर नगरीय क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्र की तुलना में मानों का ज्यादा उपयोग दुकानों और कर्यालयों के लिए हो रहा था।
  •  स्पष्ट तौर पर यह तथ्य नगरीय क्षेत्रों में प्रशासनिक व व्यवसायिक गतिविधियों की सक्रियता एवं ज्यादा उपस्थिति की प्रतिबंबित करते है।

स्कूल और कालेजः-

  • जनगणना 2011 के उपलब्द तथ्यों के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य में  उपयेाग में आ रहे कुल मकानों में 82,634 मकान स्कूलों और कालेजो के द्वारा प्रयुक्त किये जाते थे।
  • इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में 73,969 और नगरीय क्षेत्रों  में 8665 का उपयोग किया जा रहा था।
  • यह संख्या सहज ही प्रदेश की कुल शिक्षण संस्थाओं कों प्रतिबिंब करती है।
  • होटल,लाज और गेस्ट हाउसः-
  • छत्तीसगढ़ राज्य में जनगणना 2011 के दौरान 11,610 मकानों का उपयोग होटल, लाज,और गेस्ट हाउस के द्वारा यिाक जाना पाया गया।
  • इस तरह देखा जाए तो राज्य में इतने ही होटल, लाज, और गेस्ट हाउस है।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में 6,403 और नगरीय क्षेत्रों में 5,207 होटल ,लाज और गेस्ट हाउस के द्वारा मकानों का उपयोग पाया गया।
  • स्पष्ट है कि राज्य में नगरीय क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में होटल,लाज और गेस्ट हाउस की संख्या ज्यादा है।

अस्पताल और डिस्पेंसरीः-

  • जनगणना 2011 की जनगणना के अनुसार 10,508 मकानों का उपयोग अस्पतालों एवं डिस्पेंसरी के द्वारा पाया गया।
  • स्पस्ट है कि छत्तीसगढ़ राज्य में निजी व सरकारी क्षेत्रों कोे मिलाकर 10,508 अस्पताल एवं डिस्पेंसरी स्वास्थ सेवाएं दे रही है।
  • अस्पताल एवं डिस्पेंसरी की संख्या छत्तीसगढ़ राज्य में नगरीय क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में होटल, लाज और गेस्ट हाउस की संख्या अधिक है।
  • पूजा स्थलः-
  • छत्तीसगढ़ राज्य में कुल 62,015 पूजा स्थलों की संख्या जनगणना के दौरान दर्ज की गई है।
  • इनमें से ग्रामीण क्षेत्रों में 50,539 और नगरीय क्षेत्रों में 11,476 पूजा स्थल दर्ज किए गये है।
  • यहां पूजा स्थल से तात्पर्य मंदिरों, मस्जिदों, गुरूद्वारों, चर्च आदि से है जहां कि लोग पूजा ,पाठ व प्रार्थना आदि धार्मिक कार्यों के लिए जाते है।
  • मकानों की स्थितिः-
  • मकानो की स्थिति लोगों की आर्थिक व सामाजिक स्थिति को प्रदर्शित करती है।
  • जनगणना के दौरान राज्य में खाली और तालाबंद मकानों के अलावा कुल 55,52,328 मकान दर्ज किये गये।
  • इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में 43,22,461 मकान अच्छी स्थिति में थे
  • ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी स्थिति के मकानों की संख्या 18,00,389 और नगरीय क्षेत्र मेें 7,91,291 थी।
  • वही रहने लायक मकानों की कुल संख्या 27,43,291 जिसमें से ग्रामीण क्षेत्रों में 23,36,990 और नगरीय क्षेत्रों में 4,06,301 मकान इस तरह के थे।

 Chhattisgarh Houses / Houses



  •     Immigration is the natural need of human.
  •     In ancient times, human caves resided. Humans of later periods built their houses according to their convenience.
  •     Today's housing symbolizes the transformation of the continuous development from millions to millions.
  •     According to the census 2011, a total of 67,99,689 houses of Chhattisgarh State were counted.
  •     The highest number of census houses in the rural areas was 51,64,079. And 16,35,610 houses were registered in urban areas.
  •     During this, it was found that 6.2% houses are vacant in the state of Chhattisgarh, the total number of houses found vacant during the state was 4,21,827. There were 2,58,820 houses in the rural areas and 1,63,007 houses were vacant in urban areas.
  •     In view of the percentage of total houses, this was 5% in rural areas and 10% houses in urban areas were vacant.

Usage:


  •     According to the census 2011 data, 53,55,942 houses were used for residential work in the total houses used in the state of Chhattisgarh.
  •     Out of these houses 41,76,621 rural areas and 11,79,321 houses in urban areas are being utilized.
  •     On the basis of percentage, on the basis of percentage, 84% of the total houses in Chhattisgarh are being used as housing.
  •     In rural and urban context, 85.1 per cent and 80.1 per cent respectively were used for residential work in the occupied houses respectively. It is evident from the above facts that most of the houses filled in the state are being used for residential work.

Other uses:


  •     According to the census 2011, according to the figures, the number of houses coming in the fair use with housing in Chhattisgarh State has been recorded at 19,69,386 during the census.
  •     In the context of rural and urban areas, 82,578 and 1,15,822 houses were being used for shops and offices, which were 3.1 percent of the total households in total use.
  •     1.7% in rural areas and 7.9% in urban areas were being used for shops and offices.
  •     In this way, the number and percentage of both of them were being used on the basis of standards, compared to the rural areas in the urban areas, more value was being used for shops and offices.
  •      Clearly this fact reflects the activation and greater presence of administrative and business activities in urban areas.

Schools and Colleges:


  •     According to the facts available in census 2011, 82,634 houses were used by schools and colleges in the total houses used in Chhattisgarh state.
  •     In this, 73,969 rural areas and 8665 in urban areas were being used.
  •     This number instantly reflects on the entire educational institutions of the state.
  •     Hotels, lodge and guest house-
  •     In Chhattisgarh state, during 2011 census, 11,610 houses were found using Yak, by the hotel, the lodge, and the guest house.
  •     In this way, there are so many hotels, shame, and guest houses in the state.
  •     In rural areas 6,403 and urban areas were found using 5,207 hotels, lodge and guest house.
  •     It is clear that the number of hotels, lodge and guest houses in rural areas is more in urban areas than in urban areas.

Hospital & Dispensary:


  •     According to Census 2011 census, 10,508 houses were found using hospitals and dispensaries.
  •     It is clear that in the State of Chhattisgarh, 10,508 hospitals and dispensaries are providing health services to the private and government sectors.
  •     Number of Hospitals and Dispensaries In Chhattisgarh State, the number of hotels, lodge and guest house in rural areas is more in comparison to urban areas.
  •     Places of worship:
  •     A total of 62,015 worship sites in Chhattisgarh state have been registered during census.
  •     Out of these 50,539 places in rural areas and 11,476 places of worship in urban areas have been recorded.
  •     The place of worship here is from temples, mosques, gurudwaras, churches etc. where people visit puja, texts and prayers etc. for religious functions.
  •     Status of houses:
  •     The situation of the houses shows the economic and social status of the people.
  •     During the census, 55,52,328 houses were registered in addition to empty and locked houses in the state.
  •     In this, 43,22,461 houses were in good condition in rural areas.
  •     In rural areas, the number of houses of such condition was 18,00,389 and in urban areas 7,91,291.
  •     The total number of houses that were worth 27,43,291, of which 23,36,990 in rural areas and 4,06,301 houses in urban areas were of this type.


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