छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद |Naxalism in Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद |Naxalism in Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का इतिहास :-

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद |Naxalism in Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद

  • छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद नासूर बन गया है।

  • नक्सलवाद से राज्य के 27 में 16 जिले प्रभावित है। इसमें सबसे ज्यादा प्रभावित जिले बस्तर संभाग के तहत आये है।

  • छत्तीसगढ़ राज्य में पुलिस का दावा है कि प्रदेश में नक्सली गतिविधियों का काफी हद तक थामते हुए नक्सलवाद पर प्रभावी लगाम लगाई है। इसके कारण नक्सलियों की उपस्थिति बीजापुर और सुकमा जिलों तक बची है।

  • छत्तीसगढ़ पुलिस को भरोसा है कि 2022 तक छत्तीसगढ़ राज्य में नक्सलवाद पुरी तरह से समाप्त हो जाएगा।

  • छत्तीसगढ़ राज्य में नक्सलवाद में काबू पाने के लिए केन्द्रीय सुरक्षा बलों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ पुलिस के 70 से 75 हजार जवान नक्सलियों से लड़ रहे है।

  • वर्ष 2017 में 300 से ज्यादा नक्सलियों को मारा गया

  • वर्ष 2016 में 1476 नक्सल आपरेशन चलाए गये इस नक्सलियों पर कुल 4 करोड़ का इनाम था।

  • वहीं 1280 किलों को आईईडी 263 स्थानों से बरामद की गई।

  • 100 हैंड ग्रेनेड और 2319 डेटोरेटर भी बरामद किए गए। इस दौरान नक्सल विरोधी कार्रवाईओं में 102 जवान शहीद हुए। जवानों के 43 हथियार लूटे गए।

  • साल 2017 में 1017 नक्सली गिरफ्तार हुए जिनमें 79 नक्सलियों पर इनाम था। इनामी नक्सलियों पर 1 करोड़ 41 लाख की इनामी राशि रखी ्रगयी थी।

  • वैसे देश के नक्सल क्षेत्रों में अगर सबसे ज्यादा घटनाओं और हिंसा को लेकर राज्य का बस्तर दशकों से भी ज्यादा समय से नक्सली हिंसा का झेल रहा हैबसे ज्यादा घटनाओं और हिंसा को लेकर राज्य का बस्तर दशकों से भी ज्यादा समय से नक्सली हिंसा का झेल रहा है।

  • बस्तर को देश भर में नक्सलियों का हब स्टेशन भी माना जाता है।

  • दरअसल बस्तर के वन और संपर्क विहील दुरस्थ इलाके नक्सलियों  के लिए अनुकुलन वातावरण उपलब्ध कराते है। तथा यह स्थान नक्सलियों के लिए रहने का बढ़िया ठिकाना मान सकते है।

  • बस्तर का अबूझमाड़ लगभग चार हजार वर्ग किलोमीटर में फैला अबूझमाड़ इलाका तो नक्सलियों की मांद की तरह है।

  • यह पुरा इलाका बस्तर संभाग की नारायणपुर, बीजापुर, और दंतेवाड़ा जिलों के बीच आते है।

  • अबूझमाड़ बस्तर सदियों से अध्ययन शास्त्रियों के आकर्षण का केन्द्र रहा है।

  • आधुनिक जीवन के परिवर्तनों के बीच अबूझमाड़ का यह इलाका आंधी के बाद भी वर्तमान में बस्तर का इलाका अपने संपूर्ण प्राकृतिक सौंन्दर्य व संरचना के साथ उपस्थित है।

  • आज बस्तर में विकास की रोशनी भलू ही पूरे तौर पर नहीं पहुची हो , पर यहां की जनजातियां आज भी उसी अंदाज से जी रहे है , जिस तरह से सदियों पहले से जीती आ रहीं है।

  • बस्तर की नक्सली हिंसा ने उस समय पूरे देश का सर्वाधिक ध्यान उस समय खीचा जब नक्सलियों ने वर्ष 2010 में घात लगाकर सी आर पी एफ के 76 जवानों की हत्या कर दी।

  • इसके बाद नक्सलियों ने झीरम घाटी में 2013 के विधान सभा चुनाव के पूर्व कांग्रेस की परिवर्तत यात्रा पर हमला कर प्रदेश कांगेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल नक्सलियों के खिलाफ सलबा-जुडूम आंदोलन चलाने वाले महेन्द्र कर्मा और पूर्व केन्द्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत 30 लोगों की हत्या कर दी थी।

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  • सलावा जुडूम यानि शांति यात्रा के नाम से 4 जून 2005 को नक्सली हिंसा के खिलाफ श्ुारू हुए इस आंदोलन में बड़ी संख्या में आदिवासियों को हथियार थमाए गए थे।

  • सलबा-जुडूम ओंदोलन में आदिवासियों को पुलिस आफिसर यानी एसपीओ का दर्जा दे कर माओवादियों से लड़ने के लिए मैदान में उतार दिया गया था।

  • नक्सलियों से लड़ने के लिए सलवा उन्हीं के अंदाज में श्ुारू हुए सलवा जुडूम अभियान पर आरोप लग इसके कारण बेगुनाह आदिवासी मारे जा रहे इस कारण यह मामला सर्वोच्च न्यायालय पहुंचा।

  • सर्वोच्च न्यायालय ने 5 जुलाई 2011 को सलवा जुडूम को पुरी तरह से खत्म करने का फैसला सुनाया।

  • इसके साथ ही नक्सलियों के खिलाफ खड़ा किया गया यह आंदोलन समाप्त हो गया पर इस आंदोलन से जुड़े लोगों और नेताओं को नक्सलियों  ने एक-एक कर निशाना बनाना प्रारंभ कर दिया।

  • वर्ष 2013 में नक्सलियों का निशाना इस आंदोलन को श्ुारू करने वाले महेन्द्र कमी भी बने बाद में।

छत्तीसगढ़ के नक्सलवाद प्रभावित जिलेः-

छत्तीसगढ़ राज्य में नक्सलवाद जिलों में 16 जिलों प्रभावित है जो निम्न हैः-

  1. बस्तर

  2. बीजापुर

  3. दंतेवाड़ा

  4.जशपुर

  5.कांकेर

  6.कोरिया

  7.नारायणपुर

  8 राजनांदगांव

  9.सरगुजा

  10. धमतरी

  11.महासमुंद

  12. गरियाबंद

  13.बालौद

  14.सुकमा

  15.कोंडागांव

  16. बलरामपुर

 

 History of Naxalism in Chhattisgarh: -

  •  Naxalism has become a canker in Chhattisgarh.
  • Naxalism has affected 16 districts in 27 states of the state. The worst affected district has come under the Bastar division.
  • Police in the state of Chhattisgarh claim that the Naxalite activities in the state have taken a great leap on Naxalism, stopping to a large extent. Due to this, the presence of Naxalites remains to Bijapur and Sukma districts.
  • Chhattisgarh police believe that by 2022 Naxalism will be completely eliminated in Chhattisgarh state.
  • For the control of Naxalism in the state of Chhattisgarh, 70 to 75 thousand people of Chhattisgarh Police are fighting with Naxalites along with the Central Security forces.
  • More than 300 Naxalites were killed in the year 2017
  • In the year 2016, there was a reward of 4 crore rupees for the Naxalites operating in 1476 naxal operations.
  • 1280 forts were recovered from IED 263 places.
  • 100 hand grenades and 2319 detectors were also recovered. During this, 102 jawans were martyred in anti-Naxal operations. 43 weapons of the jawans were looted.
  • In 2017 1017 Naxalites were arrested in which 79 Naxalites were rewarded. The prize money worth Rs 1.4 crore was kept on the prize moneyless Maoists.
  • However, in the Naxal areas of the country, the state's Bastar has been facing naxal violence for more than a decade for more incidents and violence. The state's Bastar has been facing naxal violence for more than a decade for more incidents and violence. .
  • Bastar is also considered as a hub station of Maoists across the country.
  • Actually, Bastar's Forest and Contact Vihil Durrastha area provides a congenial atmosphere for the Maoists. And this place can be considered as a great place to live for the Maoists.
  • The abuzhmad area spread over four thousand square kilometers of Bastar is like the neck of the Maoists.
  • These Pura areas come between the Bastar division's Narayanpur, Bijapur and Dantewada districts.
  • Abujemhad Bastar has been the center of attraction of study scientists for centuries.
  • This area of ​​Abujemad between the changes of modern life, despite the storm, presently the area of ​​Bastar is present with its complete natural beauty and structure.
  • Today, the light of development in Bastar has not reached Bhalu completely, but the tribes here are still living in the same style as the way they have been winning since centuries.
  • Naxal violence at Bastar drew the highest attention of the whole country at that time when the Naxalites killed 76 CRPF CRPF personnel by putting an ambush in 2010.
  • After this, the Maoists attacked 30 Congressmen, including Congress MLA Nand Kumar Patel, who ran the Salba Judum Movement, Mahindra Karma and former Union Minister Vidyacharan Shukla, who attacked the Congress variants before the assembly elections in Jiram Valley in the Ziram Valley. Had given
  • In the name of Salwa Judum i.e. Shanti Yatra, on June 4, 2005, in the movement against Naxal violence, weapons were given to a large number of tribals.
  • In the Salba-Judum Ordolan tribal people were given the rank of a police officer (SPO) and were thrown out to fight against the Maoists.
  • The case comes to the Supreme Court due to the murder of innocent non-tribals due to allegations against Salwa Judum campaign in the style of Salwa.
  • The Supreme Court ruled on July 5, 2011, to completely eliminate Salwa Judum.
  • At the same time, the movement against the Naxalites was over but the people and leaders associated with this movement started making targets one by one.
  • The target of the Maoists in the year 2013, Mahendra became the defaulter of this movement and later became a victim.

Naxalism affected districts of Chhattisgarh:

In Chhattisgarh state, 16 districts are affected in Naxalism districts, which are:
  1. Bastar
  2. Bijapur
  3. Dantewada
  4.Jashpur
  5.Kanker
  6.Corria
  7. Narayanpur
  8 Rajnandgaon
  9. Serguez
  10. Dhamtari
  11.Hamasamund
  12. Giriya
  13.Balloud
  14.Sukma
  15.Condagaon
  16. Balrampur

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