विशेष में आज वीर जवान अभिनन्दन है |

विशेष में आज वीर जवान अभिनन्दन है |

विशेष में आज अभिनन्दन है
Abhinandan



भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान भारत लौट आए उनकी भारत आगमन पर जहां पूरे देश में खुशी और उत्साह का माहौल है |

वहीं यह भारत के लिए पाकिस्तान पर काफी बड़ी कूटनीतिक जीत भी है अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत ने कूटनीतिक पहल कि उसे पूरी दुनिया ने माना और पाकिस्तान पर दबाव बढ़ा कि उसे जांबाज विंग कमांडर अभिनंदन को रिहा करना पड़ा |

पाकिस्तान की सर जमी पर दुश्मनों के बावजूद साहस और पराक्रम का परिचय दिया वह अतुलनीय है और जज्बे को सलाम कर रहा है अभिनंदन है |

 दुश्मनों को धूल चटाने वाले बहादुर पायलट अभिनंदन है भारतीय सेना के सैनिकों का जिन्होंने देश की आन बान और शान में दुश्मनों ने उन्हें हंसते हंसते रहे और जरूरत पड़ने पर मौत को भी गले लगा लिया |

भारत-पाकिस्तान की सीमा अटारी बाघा बॉर्डर भारतीय वायु सेना के पायलट विंग कमांडर अभिनंदन कुछ इस अंदाज में वाघा बॉर्डर से भारत की सरजमी में दाखिल हुए भारतीय वायु सेना के जांबाज पायलट अभिनंदन के भारत में कदम रखते ही बाघा बॉर्डर पर मौजूद लोगों के साथ ही पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई वाघा बॉर्डर पर लोगों का जोश देखने लायक था सुबह से ही लहरा तिरंगे के साथ भारी संख्या में लोग जुटे थे |


हर भारतीय जवान अभिनंदन की बहादुरी को सलाम करने में जुट गया भारतीय वायु सेना सीमा सुरक्षा बल और प्रशासनिक अधिकारियों ने सीमा पर उनकी अगवानी की सुरक्षा कारणों और प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वाघा बॉर्डर पर रोजाना होने वाले बीटिंग रिट्रीट समारोह का आयोजन नहीं किया गया अभिनंदन के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचे थे |

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को तमिलनाडु कन्याकुमारी में जनसभा को संबोधित करते हुए भारतीय वायु सेना के प्रधानमंत्री ने कहा कि आज उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत की लड़ाई का समर्थन कर रही है |

 अभिनंदन की इतनी कम समय में पाकिस्तान से वापस आना भारतीय कूटनीति की बड़ी जीत है कोशिश करते हैं कि कैसे भारत ने इस मसले पर पाकिस्तान को झुकने पर मजबूर कर दिया |

अभिनंदन पाकिस्तान से भारत आ चुके हैं पायलट अभिनंदन कि इतने कम समय में वापसी को मुमकिन बना ना हमारी कूटनीतिक जीत है |

14 फरवरी को पुलवामा आतंकी हमले और 26 फरवरी को वायु सेना के बाला कोर्ट में एयर स्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया 26 फरवरी को भारतीय और पाकिस्तान वायुसेना के लड़ाकू विमानों के बीच झड़प के दौरान मिट्टी गिरने के बाद पायलट अभिनंदन पीओके में उतर गए थे इसके बाद पाकिस्तान ने भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन को हिरासत में ले लिया था |

पाकिस्तान के इस कदम के बाद भारत ने अपने पायलट की वापसी के लिए चारों ओर से मोर्चा खोल दिया भारतीय कूटनीति का ही असर था कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने गुरुवार को वहां की संसद में पायलट अभिनंदन वर्तमान को वापस भारत भेजने का ऐलान किया जो भारत में सबसे बड़ा संदेश दिया है जो आज की हमारी जोग भारती जाना चाहते हैं कि आखिर इस पूरे माहौल से हमें मिला क्या सबसे बड़ा संदेश दिया है वह हमने पाकिस्तान की जनता को नहीं वहां के प्लीज अंडरस्टैंड पाकिस्तान नहीं है |

इस बार 30 सालों में हमने देखा है उसको पार किया हमने बताया कि अगर आप हमारे करेंगे तो सीमा रेखा लक्ष्मणरेखा नहीं है हम उसके पास आएंगे और आकर आपको वही मारेंगे जेनेवा कन्वेंशन के तहत पाकिस्तान अभिनंदन को नुकसान नहीं पहुंचा सकता है और उसे भारतीय पायलट को रिहा करना ही होता है इसके बावजूद पाकिस्तान की वजह से दुनिया परिचित है |


पायलट अभिनंदन को पाकिस्तान ने जैसे ही हिरासत में लिया उनकी सुरक्षित वापसी के लिए अपनाई जाने वाली रणनीति पर काम करना शुरू कर चुका था सबसे पहले बुधवार को हिरासत में लिया गया भारत ने पाकिस्तान के कार्यवाहक ऊंचाई को तलब कर के पायलट की तत्काल रिहाई की मांग की भारत ने पाकिस्तान पर दबाव से लेकर कूटनीतिक दबाव बढ़ा दिया |


 पाकिस्तान ने विंग कमांडर अभिनंदन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सर्कुलेट कर दिया था पाकिस्तान की इस हरकत पर भारत ने एक कड़ी आपत्ति दर्ज कराई इसे जेनेवा कन्वेंशन का उल्लंघन माना गया |

 भारत ने पाकिस्तान से कहा कि उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए भारत ने पाकिस्तान से भारतीय पायलट की तस्वीरों को दिखाए जाने पर भी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई |

भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि किसी घायल कर्मी को अशोभनीय रूप से अंतर्राष्ट्रीय मानवता कानून और जिनेवा कन्वेंशन का उल्लंघन है |

 भारत ने पाकिस्तान को चेतावनी दे दी थी अभिनंदन की और वापसी होनी चाहिए पाकिस्तानी विमान भारतीय सीमा में घुसे और पाकिस्तानी सेना ने भारतीय पायलट का वीडियो जारी किया उससे भारत सरकार सख्त नाराज थी उनको वापस करने के लिए पाकिस्तान और पाकिस्तान की आर्मी से जुड़े जो हिंदुस्तान कार्रवाई करेगा और हिंदुस्तान हमारी इस धमकी से हम अगर आप हमारे तो कुछ करेंगे हम सीधा आपको कुछ बहुत बड़े माहौल में ले जायेंगे धमकी से जब देखा कि हिंदुस्तान अब नहीं जा रहा है यहां के लिए उचित नहीं डर रही है तो उनके पास कोई दिक्कत नहीं रहेगा |
पाकिस्तान और सऊदी अरब पाकिस्तान के नापाक हरकतों के सबूत विदेशों से साफ करेगा तो फिर हालात बिगड़ सकते हैं |

दुनिया के ज्यादातर बड़े देशों ने आतंकवाद के मसले पर भारत के रुख का समर्थन किया भारत में कूटनीति के जरिए पूरी दुनिया को यह संदेश दिया कि अगर पाकिस्तान ने भारतीय पायलट को नहीं लौट आया तो उसके बाद भारत पाकिस्तान के खिलाफ कोई भी कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है |

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भी अमेरिकी विदेश मंत्रियों से इस मसले पर बात की इस दौरान अमेरिका ने साफ किया कि वह भारत की ओर से पाकिस्तान धरती पर मौजूद  जे मोहम्मद के कार्रवाई का समर्थन करता है |



अमेरिका ने भी पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया कि वह भारत की कार्यवाही के साथ है अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को आतंकी गुटों को पनाह देने को लेकर लगातार चेतावनी मिलती रही मैं बहुत बड़ी डिप्लोमेटिक सीमेंट की और खासतौर से किसी के संबंध में इस्लामिक कंट्रीज यह तो पाकिस्तान हिंदुस्तान की इस बात में माना है कि बिल्डिंग करंट को खतम नहीं दिया पाकिस्तान का पर सब को बताया कि टेनिस के बिल्डिंग ग्राउंड कहां है और किस तरह से इसके बाद और फ्रांस ने पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैसे मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करवाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में नया प्रस्ताव दिया |

दरअसल दोनों देशों के बीच हालिया तनाव की शुरुआत 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले से होती है इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे पाकिस्तान की सरजमी से सक्रिय आतंकवादी गुट जैसे मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी |

भारत ने पाकिस्तान से हमले के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की कि तमाम अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद पाकिस्तान ने जैसे मोहम्मद के आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई से इंकार कर दिया |


पाकिस्तान मानने को तैयार नहीं हुआ कि पुलवामा हमले में पाकिस्तान से सक्रिय आतंकी गुटों का हाथ है इसके बाद भारत में 26 फरवरी को ऑपरेशन किया भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के जैसे मोहम्मद के शिविर पर हमला कर भारी पहुंचाया भारत ने साफ किया कि यह मिलिट्री ऑपरेशन नहीं था |

अभिनंदन बर्तमान में अदम्य साहस का परिचय दिया हालांकि इस दौरान उनका में लड़ाकू विमान क्रैश हुआ और पाकिस्तानी सीमा में गिरने के बाद पाकिस्तानी सैनिकों ने उन्हें हिरासत में ले लिया लेकिन दुश्मन की कस्टडी में होने के बावजूद भी विंग कमांडर अभिनंदन ने जिस साहस और फौजी जज्बे को दिखाया उसे पूरा देश सलाम कर रहा है |

एक भारतीय फौजी का ही जज्बा हो सकता है कि वह दुश्मन के इलाके में उसी का हो और देशभक्ति के नारे लगाए भारतीय सेना के जांबाज अभिनंदन वर्तमान लड़ाकू विमान पाकिस्तानी वायुसेना के विमान को खदेड़ने के दौरान क्षतिग्रस्त होकर लड़कों ने उन्हें घेर लिया शूट के सहारे जमीन पर उतरते ही वहां मौजूद लोगों से पूछा था कि यह भारत है या पाकिस्तान जब वहां मौजूद लड़कों ने उसे झूठ बोला और कहा कि यह भारत में है हालांकि कुछ देर बाद उन्हें पता चला कि वह पाकिस्तान में है यह जाने के बावजूद भी अभिनय ना तो अपना खोया और ना ही फौजी कर्तव्य भूले उन्होंने बहादुरी दिखाते हुए इस दौरान उन्होंने अपने पास मौजूद सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज दिए गए और जो बचे हुए थे उन्हें पानी में डुबोकर खराब कर दिया यही पाकिस्तानी सेना ने पूछताछ की हिम्मत के साथ उन्होंने अपना नाम व अभिनंदन वर्तमान भारतीय सेना से जुड़े सवालों का जवाब देने से इंकार कर दिया |


दुश्मन देश में अपने साहस और पराक्रम का परिचय देते हुए अभिनंदन ने जो दिलेरी दिखाई है उसका दीवाना  पूरा भारत बन चुका है |

भरत सिंह दिवाकर के साथ ब्यूरो रिपोर्ट राज्य सभा टीवी आज जांबाज पायलट के वापसी के साथ ही देश को उसका वीर सिपाही मिल गया लेकिन लड़ाई के दौरान दुश्मन की सीमा में फंसे भारतीय सैनिकों की कुर्बानी की कहानी भी कम नहीं औरत को प्रताड़ित किया है जाते  हैं |

हमेशा से हमारे सैनिकों को पकड़ने या युद्ध बंदी बनाने के बाद उनके साथ अमानवीय व्यवहार करता रहा है अनेक भारतीय वीर जवानों ने पाकिस्तानी सेना की घटनाओं को सहा लेकिन अपनी बहादुरी से उन्हें घुटने देखने पर मजबूर कर दिया 65 के भारत-पाक युद्ध के दौरान स्काउट लीडर बृजपाल सिंह सीमा में पहुंच गए पाकिस्तान ने जिनेवा कन्वेंशन ओं की अवहेलना करते हुए उन्हें काफी प्रताड़ित किया है |

 पाकिस्तान कुमाऊनी में आनाकानी कर रहा था लेकिन भारत के दबाव के आगे झुकना पड़ा और आखिरकार आदित्य विक्रम भैया की रिहाई हुई |

 इसी तरह 1971 के युद्ध में भारतीय वायु सेना के पायलट भार्गव पूरे 1 साल पाकिस्तान में युद्ध बंदी रहे पाकिस्तान के लाभ चाहने के बावजूद भी इस जांबाज सैनिक ने भारत के बारे में कुछ नहीं बताया भारतीय सेना का भेद जाने के लिए पाकिस्तानी सेना ने उन्हें भी प्रताड़ित किया |

argin-bottom: .0001pt; margin: 0in;"> जब तक वो तंत्र नहीं टूटेगा तो उसकी बीज कहां है उसका बीज है वहां के टेरेस आर्गेनाइजेशन जब तक पाकिस्तान सताए उनको खत्म नहीं करता है या किसी की मदद ले चाय अपने फ्रेंडली देशों की मदद से इनको खत्म नहीं करता है उसके यहां किसी भी संधि हस्ताक्षर का क्या मतलब होगा वह आपके सामने है इसके मुताबिक युद्ध बंदियों के साथ बर्बरता पूर्ण और अमानवीय बर्ताव नहीं किया जा सकता उसे किसी भी तरह से प्रताड़ित या फिर सूचित नहीं किया जाएगा |

युद्ध बंदियों के मानवीय मूल्यों की रक्षा की जाएगी साथ ही सैनिकों को कानूनी सुविधा भी मुहैया करानी होगी उन्हें अपमानित भी नहीं किया जा सकता युद्ध बंदियों से सिर्फ उनके नाम से नंबर के बारे में पूछा जा सकता है|

एहसास हो चुका होगा कि भारत के खिलाफ आतंकवाद का सहारा लेने और भारतीय जवानों को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश का क्या अंजाम होगा |


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