भारत में डिजिटल इडिया का सफ़र

भारत में डिजिटल इडिया का सफ़र


सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से सार्वजनिक सेवाओं के पूरे तंत्र को बदलने के लिए भारत सरकार ने डिजिटल इंडिया कार्यक्रम को लॉन्च किया है
 इस कार्यक्रम का उद्देश्य डिजिटल डिजिटल समावेशन डिजिटल सशक्तिकरण और डिजिटल तिवारी को खत्म कर भारत को एक ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था और डिजिटल रूप से सशक्त समाज में बदलना है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की परिकल्पना की थी और इसे जुलाई 2015 को उन्होंने औपचारिक रूप से लांच किया था कैसे माई कम अट प्लेटफार्म यह अनूठा मंच नागरिकों और सरकार के बीच विचार और सुझाव के आदान-प्रदान का सेतु बन चुका है

डिजिटाइज इंडिया प्लेटफॉर्म प्लेटफॉर्म देश में सरकारी संगठनों को आम नागरिकों के योगदान के माध्यम से अपने रिकॉर्ड और दस्तावेजों को डिजिटाइज करने की अनुमति देता है अब तक 14088 से अधिक योगदान कर्ताओं के माध्यम से 260220 डिजिटाइज किए जा चुके हैं

सामान्य सेवा केंद्र पिछले 18 महीनों में ग्रामीण क्षेत्रों में फ्रंट एंड सर्विस डिलीवरी के रूप में काम करने वाले सामान्य सेवा के 134000 से बढ़कर आज 144000 गए हैं राष्ट्रीय साक्षरता मिशन का उद्देश्य नागरिकों को अपनी आजीविका और रोजगार के लिए आरटीओ संबंधित अनुप्रयोगों का उपयोग करने के लिए प्रशिक्षण प्रदान करता है अब तक राष्ट्रीय डिजिटल साक्षरता मिशन के तहत 12 लाख से ज्यादा लोगों को प्रशिक्षित किया जा चुका है
आधार के माध्यम से सरकार ने 30 नवंबर 2018 को 997 देश के वासियों को पहचान प्रदान की है जनसंख्या का प्रतिशत विशेष तौर से आर्थिक रुप से गरीब और ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले महिलाओं के पास कोई पहचान पत्र नहीं था जिसके द्वारा किसी सेवा का उपयोग कर सकते आधार ने देश के निवासियों को सरकार द्वारा जारी किया गया आईडी काट दिया है जिसे कभी भी कहीं भी प्रमाणित किया जा सकता है
आधार में डिजिलॉकर और डिजिटल भुगतान की विभिन्न रूपों के साथ मिलकर आम आदमी को अपने मोबाइल पर ही सरकारी सेवाएं प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त किया है
डिजिटल भुगतान तंत्र में प्रति आस्था को बदल रही है भारत की अनूठी भुगतान प्रणाली भीम यूपीआई आधार को विश्व स्तर पर मान्यता मिल रही है आज भी मैं आप पैसे भेजने इकट्ठा करने और पिंडदान करने के लिए प्रमुख साधनों में से एक बन गया है पहले जहां डिजिटल चैनल के माध्यम से 2014 में हुआ था वह 2018 में पढ़कर 2071 करो हो गया है

आधार के माध्यम से जनधन खातों को सीधे उनके खाते में लाभ प्राप्त करने में मदद कर रहा है आपको बता दें कि अब तक 433 सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को आधार आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से कुल ₹549000 का वितरण किया गया है इसमें तमाम काल्पनिक दावेदारों को हटाकर 1000 से अधिक की गई है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण पूरे विश्व में भारत की एक अलग पहचान होगी भाग लेने वाले देशों में आ जाएगा

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