दीनदयाल अंत्योदय योजना

दीनदयाल अंत्योदय योजना


  • दीनदयाल अंत्योदय योजना गरीबों का कौशल प्रशिक्षण कर उनकी मदद करने की भारत सरकार की एक योजना है इसका मकसद गरीबों की आजीविका सुनिश्चित करना है
  • यह योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन को एक करके बनाई गई है भारत सरकार ने इस योजना के लिए फौरी तौर पर 500 करोड़ों रुपए का प्रावधान किया है

  • योजना का उद्देश्य साल 2016 से शहरी क्षेत्रों में प्रतिवर्ष 500000 और ग्रामीण क्षेत्रों में 2017 तक दस लाख लोगों को प्रशिक्षित करना है पहले बात करते हैं इस योजना के अंतर्गत उन गरीबों की जो शहरों में रहते हैं

  • योजना के तहत शहरी क्षेत्र में लगभग सभी 4041 वैधानिक शहरों और कस्बों में कब लिया जाता है योजना का लक्ष्य शहरी गरीब परिवारों की गरीबी और भेदभाव कम करना उन्हें सक्षम स्वरोजगार और कुशल मजदूरी रोजगार लायक बनाना आजीविका प्रदान करने वाले जमीनी संस्थानों को मजबूत करना शहरी पर घरों को आश्रय उपलब्ध कराना युवा अपने आशा आकांक्षा के अनुरूप आगे बढ़ सके स्किल ट्रेनिंग से लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध हो रहे और लोगों के जीवन में इसे सकारात्मक बदलाव आ रहा है
  • देश के प्रत्येक जिले में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किया गया है ताकि युवाओं को ट्रेनिंग की सुविधाओं ने अपने घर के पास ही मिल सके यहां गांव के युवाओं को आर्थिक क्रियाकलापों को शुरू करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है इस साल मई तक करीब करीब 600 ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में काम कर रहे हैं इसके तहत करीब करीब 28 युवाओं को ट्रेनिंग दी गई और उसमें से 19 20 लाख युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाए राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन की मुख्यधारा यह है कि गरीब उद्यमी है और गरीबी से बाहर आने की इच्छा रखता है सार्थक और आजीविका उत्पन्न करने के लिए उसको और प्रशिक्षण की जरूरत है उनका मानना है कि किसी भी आजीविका से जुड़े कार्यक्रम को समय बद्ध तरीके से केवल गरीबों के संस्थानों द्वारा संचालित किया जा सकता है अपने स्वयं के मानव सामाजिक और अन्य परियों के निर्माण में गरीबों का समर्थन करते हैं और बदले में यह तबका उन्हें अपनी एकजुटता आवाज और सौदेबाजी की शक्ति को बढ़ाते हुए सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों से अधिकारों अफसरों और सेवा तक पहुंच बनाने में सक्षम बनाता है

  • इस योजना का असर यह हुआ है कि सभी प्रक्रियाओं में शहरी गरीबों और संस्थानों के स्वामित्व और उत्पादक भागीदारी सुनिश्चित हुई है सरकारी अधिकारियों और समुदाय की जवाबदेही तय होनी शुरू हुई है उद्योग और अन्य विधायकों के साथ साझेदारी तय हो रही है और साथ ही सामुदायिक आत्मनिर्भरता स्वयं सहायता और पारस्परिक सहायता को बढ़ावा मिला है

  • मंत्रालय ने योजना के वास्तविक समय और नियमित प्रकृति की निगरानी के उद्देश्य से ही एक ऑनलाइन वेब आधारित प्रबंधन सूचना प्रणाली विकसित की थी लांच किया गया संगठनों को आवश्यक सूचनाओं को सीधे फिट करने में सक्षम बनाता है जिसे शहरी स्थानीय निकायों राज्यों और गुफा के मंत्रालय द्वारा निगरानी और देश के लिए किया जा सकता है और प्रगति को ट्राई किया जा सकता है

  • वहीं दूसरी ओर दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का लक्ष्य 800 करोड़ तक पहुंचना हर परिवार से एक महिला सदस्य को सेल्फ हेल्प ग्रुप में लाना और उसे संगठित करना है अक्टूबर 2018 तक 588 अतिरिक्त कार्य नीति के तहत किया गया है

  • वर्ष 2018 के दौरान 75 लाख से जोड़े 130000 के रूप में वितरित किए गए 2018 के दौरान सामुदायिक निवेश कोष के रूप में 1765 को 50247 दिए गए सेल्फ हेल्प ग्रुप्स कार्यक्रम में दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत साल दर साल जबरदस्ती की है

  • अक्टूबर 2018 तक लगभग 5727911 करोड बांटा गया है 2018 में सरकार ने महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप्स के माध्यम से खेती खेती के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा की गई कुल 23679 गांवों के समूह में रखा गया है और शुरू में खेती करने के लिए 5898 समूह के माध्यम से कुल 57270 महिला किसान पंजीकृत किए गए हैं दो हजार अट्ठारह उन्नीस में महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना के तहत कोई किसानों की पहचान भी की गई है समर्पित प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पहल यानी कृपा सिटी बिल्डिंग इंची टेप के तहत वर्ष 2018 के दौरान कुल 7283 आजीविका किसी साथी को प्रशिक्षित किया गया

  • खाद्य और पोषण सुरक्षा फूड सिक्योरिटी सूचित करना सभी सीआरपी का हस्तक्षेप ऑनलाइन के कोशिशों में से एक है और यह सुनिश्चित करने के लिए महिला किसान के स्तर पर कृषि पोषक प्रधानों को बढ़ावा भी दिया जा रहा है

  • 2018 के दौरान एग्री पोषक उद्यानों को दशमलव 8600000 महिला किसान परिवारों में बढ़ावा दिया गया है महिला किसानों की समस्याओं को कम करने और कृषि उपकरण समय पर पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कस्टम हायरिंग केंद्र को बढ़ावा दिया जा रहा है वर्ष 2019 के दौरान कुल 806 केंद्र स्थापित किए गए हैं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए व्यवसाय के लिए काम होता है काम करता है 

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